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सीसीआरटी (CCRT) सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना 2026-27: भारतीय कला और संस्कृति के युवा साधकों के लिए एक सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

सीसीआरटी (CCRT) सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना 2026-27: भारतीय कला और संस्कृति के युवा साधकों के लिए एक सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

भारत एक विविध और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश है, जहाँ सैकड़ों कला शैलियाँ, संगीत घराने, नृत्य विधाएँ और पारंपरिक हस्तकलाएँ सदियों से चली आ रही हैं । इन अमूल्य सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने और नई पीढ़ी में कला के प्रति रुझान बढ़ाने के उद्देश्य से, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान, सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र (CCRT), नई दिल्ली द्वारा हर साल एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना चलाई जाती है । इस योजना का नाम है – सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना (Cultural Talent Search Scholarship Scheme) ।

शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए इस छात्रवृत्ति के लिए आधिकारिक अधिसूचना और आवेदन पत्र जारी कर दिए गए हैं । इस विस्तृत आर्टिकल में हम इस योजना के हर पहलू, पात्रता मानदंड, छात्रवृत्ति की राशि, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया पर गहराई से चर्चा करेंगे, ताकि कोई भी योग्य प्रतिभा इस सुनहरे अवसर से वंचित न रह जाए।


1. योजना का मुख्य उद्देश्य

इस प्रतिष्ठित योजना का प्राथमिक उद्देश्य 10 से 14 वर्ष के आयु वर्ग के उन उत्कृष्ट और प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करना है, जो किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ रहे हैं या किसी ऐसे परिवार से संबंध रखते हैं जहाँ पारंपरिक रूप से कला का अभ्यास किया जाता है ।

सीसीआरटी का लक्ष्य इन चयनित बच्चों को विशेष प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सुविधाएँ प्रदान करना है, ताकि वे निम्नलिखित सांस्कृतिक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा को और निखार सकें:

इस योजना में उन दुर्लभ कला रूपों पर विशेष बल दिया जाता है जो आज लुप्त होने की कगार पर हैं (Extinct Art Forms) ।


2. छात्रवृत्ति की संख्या और आरक्षण श्रेणियाँ (Quota Allocation)

चूँकि हमारे देश में कला विधाओं की संख्या बहुत अधिक है और वित्तीय संसाधन सीमित हैं, इसलिए केवल उत्कृष्ट प्रतिभा वाले बच्चों का ही चयन किया जाता है । वित्त की प्राप्यता के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए पूरे राष्ट्रीय स्तर पर कुल 650 नई छात्रवृत्तियाँ प्रदान की जाएंगी ।

इन 650 छात्रवृत्तियों को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने के लिए निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

  1. जनजातीय संस्कृति / अनुसूचित जनजाति (ST): 100 छात्रवृत्तियाँ उन बच्चों के लिए आरक्षित हैं जो जनजातीय संस्कृति का अभ्यास करते हैं या अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं । (इनके पास सक्षम अधिकारी द्वारा जारी वैध ST प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है )।
  2. परम्परागत कला घराने (Traditional Artists Family – TAF): 125 छात्रवृत्तियाँ उन बच्चों के लिए चिह्नित हैं जिनके परिवार कम से कम पिछली 3 पीढ़ियों से निरंतर किसी कला क्षेत्र में सक्रिय हैं और अभ्यास कर रहे हैं 
  3. दिव्यांग बच्चे (Differently Abled): 20 छात्रवृत्तियाँ विशेष रूप से सक्षम/दिव्यांग बच्चों के लिए हैं (वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र आवश्यक है) 
  4. सृजनात्मक लेखन / साहित्यिक कला: 30 छात्रवृत्तियाँ उन बच्चों को दी जाएंगी जो रचनात्मक लेखन (कहानी, कविता आदि) में सक्रिय हैं (उनके पास अपने मूल कार्य का प्रमाण होना चाहिए) 
  5. सामान्य श्रेणी (General): शेष बची हुई 375 छात्रवृत्तियाँ अन्य सभी सामान्य वर्गों के छात्र/छात्राओं के लिए उपलब्ध होंगी 

(नोट: इस योजना के अंतर्गत किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लिए कोई अलग से कोटा या आरक्षण निर्धारित नहीं है, यह एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा है ।)


3. वित्तीय लाभ (Financial Value of Scholarship)

चयनित मेधावी छात्रों को प्रशिक्षण जारी रखने के लिए सीसीआरटी द्वारा अच्छी खासी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस छात्रवृत्ति को दो हिस्सों में बाँटा गया है:

(शर्त): फीस की प्रतिपूर्ति पाने के लिए अभिभावक को निर्धारित शिक्षा शुल्क का भुगतान गुरु को करना होगा और गुरु/अध्यापक द्वारा स्वहस्ताक्षरित भुगतान प्राप्ति रसीदें (Payment Receipts) सीसीआरटी को भेजनी होंगी ।


4. आवश्यक पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निम्नलिखित शर्तों को कड़ाई से पूरा करना होगा:

A. आयु सीमा (Age Limit)

B. पूर्व प्रशिक्षण का अनुभव (Prior Training Experience)

C. पारिवारिक आय (Family Income Preference)

D. दोहरा लाभ निषेध (No Double Scholarship)


5. आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश (How to Apply)

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन है। आवेदन पत्र को माता-पिता या अभिभावक द्वारा निर्धारित प्रपत्र (Prescribed Format) में भरा जाना चाहिए ।

आवेदन फॉर्म कहाँ से मिलेगा?

गुरुओं और संस्थाओं के लिए सख्त नियम:

विषय का चयन:

अंतिम तिथि (Last Date of Submission):


6. कला क्षेत्र के अनुसार संलग्न किए जाने वाले अनिवार्य प्रमाण / नमूने (Art-Specific Attachments)

आवेदन फॉर्म भरते समय सबसे ज्यादा गलतियां इसी चरण में होती हैं। दृश्य कला या साहित्यिक कला के आवेदकों को अपने कौशल का प्रमाण भेजना अनिवार्य है, जिसके बिना फॉर्म रद्द कर दिया जाएगा:

  1. सृजनात्मक लेखन / साहित्यिक कला (Creative Writing/Literary Arts): * आवेदक को अपनी स्वरचित मूल रचनाओं (जैसे- कविताएँ, कहानियाँ, नाटक, निबंध आदि) के कम से कम तीन (03) नमूने (Specimens) भेजने होंगे 
    • ये रचनाएँ भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्यता प्राप्त किसी भी भाषा या अंग्रेजी में हो सकती हैं 
    • इन रचनाओं पर स्कूल के हेडमास्टर/प्रधानाचार्य का यह प्रमाण पत्र होना चाहिए कि “ये इस बच्चे की मूल रचनाएँ हैं” 
  2. चित्रकला (Painting):
    • आवेदक को स्वयं बनाई गई तीन (03) नवीनतम पेंटिंग ‘मूल रूप’ (Original Art Work) में भेजनी होंगी 
    • सावधानी: चित्रों (पेंटिंग) के फोटोग्राफ्स बिल्कुल भी मान्य नहीं होंगे; असली पेंटिंग ही भेजनी है 
    • पेंटिंग के पीछे गुरु/अध्यापक को हस्ताक्षर करके यह प्रमाणित करना होगा कि यह बच्चे की खुद की मूल कलाकृति है और इसमें गुरु का कोई योगदान नहीं है 
  3. मूर्तिकला / हस्तकला (Sculpture / Crafts):
    • चूँकि मूर्तियाँ भेजना संभव नहीं है, इसलिए इस क्षेत्र के बच्चों को अपनी बनाई नवीनतम कलाकृतियों के तीन (03) फोटोग्राफ्सभेजने होंगे 
    • इन तस्वीरों के पीछे या अलग से सादे पेपर पर गुरु का उपर्युक्त प्रमाण पत्र संलग्न होना चाहिए 
  4. प्रदर्शनकारी कला (Performing Arts – Music/Dance):
    • इस क्षेत्र के बच्चों को अपने प्रदर्शन या प्रशिक्षण के समय की 03 पोस्टकार्ड साइज़ की तस्वीरें (Photographs) लगानी होंगी 
    • साथ ही, गुरु द्वारा प्रमाणित एक विस्तृत विवरण भी लगाना होगा जिसमें बच्चे को दिए गए प्रशिक्षण का ब्यौरा हो 
  5. लोक और स्वदेशी कला (Folk/Traditional Arts):
    • फॉर्म भरते समय कला का ‘वास्तविक/प्रादेशिक नाम’ (Exact local/regional name) और उस राज्य या क्षेत्र का नाम स्पष्ट रूप से लिखें जहाँ वह कला प्रचलित है 
  6. परम्परागत घरानेदार कलाकार श्रेणी (TAF Category):
    • इस कोटे में आवेदन करने वालों को एक अलग सादे कागज़ पर अपने परिवार की पिछली कम से कम तीन (03) पीढ़ियों के कलाकारों के नाम, कला में उनका योगदान, और बच्चे के साथ उनके रिश्ते को स्पष्ट करता हुआ स्वयं हस्ताक्षरित विवरण संलग्न करना होगा 

7. चयन प्रक्रिया और साक्षात्कार (Selection Process & Interview)

  1. दस्तावेजों की छँटाई (Scrutiny): आवेदन पहुँचने के बाद सीसीआरटी की ‘केन्द्रीय चयन समिति’ (Central Selection Committee) सभी योग्य आवेदनों की जांच करेगी । अपूर्ण फॉर्म या बिना नमूनों वाले फॉर्म बिना समिति के सामने रखे ही नामंजूर कर दिए जाएंगे 
  2. साक्षात्कार/परीक्षा का बुलावा: केवल उन्हीं छात्र/छात्राओं को इंटरव्यू या प्रैक्टिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा जिन्हें केन्द्रीय समिति उपयुक्त मानेगी । इन अनुशंसित बच्चों को डाक द्वारा साक्षात्कार की तिथि, समय और स्थान की जानकारी भेजी जाएगी 
  3. साक्षात्कार का समय: ये क्षेत्रीय स्तर के साक्षात्कार संभवतः जुलाई 2026 के महीने से आयोजित किए जाने की संभावना है । उम्मीदवारों की सूची वेबसाइट पर भी जारी की जाएगी 
  4. मूल्यांकन का पैमाना: क्षेत्रीय चयन समिति के विशेषज्ञ (Expert Committee Members) प्रदर्शन करने वाले बच्चों का 01 से 10 अंकों के पैमाने (Scale of 1 to 10) पर अलग-अलग मूल्यांकन करेंगे 
  5. अंतिम मेरिट: प्राप्त कुल अंकों के आधार पर, शुद्ध रूप से ‘योग्यता’ (Merit) के क्रम में और वित्तीय वर्ष में उपलब्ध छात्रवृत्तियों की संख्या के आधार पर अंतिम चयन होगा । (जिनके आवेदन नामंजूर हो जाएंगे, सीसीआरटी उनके साथ कोई पत्राचार नहीं करेगा )।

8. छात्रवृत्ति की अवधि और नवीनीकरण (Duration, Renewal & Progress Reports)

एक बार चुने जाने के बाद, बच्चे को तुरंत सतर्क और सक्रिय रहना होता है:


9. आवेदन फॉर्म भरते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Form Filling Guidelines)

आवेदन फॉर्म 16 पेज की पीडीएफ का अंतिम हिस्सा है, जिसे साफ-साफ अक्षरों में भरा जाना चाहिए।


निष्कर्ष (Conclusion)

सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र (CCRT) की ‘सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना’ महज एक आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह भारत की लुप्त होती कलाओं को संजीवनी देने का एक राष्ट्रीय प्रयास है। यह योजना उन नन्हें कलाकारों को एक मंच प्रदान करती है जो अभावों के बावजूद अपने गुरुओं के सानिध्य में कला साधना कर रहे हैं।

यदि आपके घर में, स्कूल में या आस-पड़ोस में 10 से 14 वर्ष का कोई ऐसा प्रतिभाशाली बच्चा है जो संगीत, नृत्य, साहित्य, शिल्प या चित्रकला में गहरी रुचि और प्रतिभा रखता है, तो सुनिश्चित करें कि उसका आवेदन फॉर्म सभी जरूरी दस्तावेजों (आयु प्रमाण पत्र, कला के नमूने, गुरु का सत्यापन आदि) के साथ 31 मई 2026 से पहले सीसीआरटी, नई दिल्ली पहुँच जाए।

(ध्यान दें: योजना से संबंधित कोई भी विवाद या कोर्ट केस केवल दिल्ली स्थित न्यायालय / दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में ही निपटाया जाएगा ।)

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