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झारखण्ड सरकार का बड़ा कदम: वेतन घोटालों पर रोक लगाने के लिए ‘एम्प्लॉई मास्टर डेटाबेस’ के नए नियम लागू

झारखण्ड सरकार का बड़ा कदम: वेतन घोटालों पर रोक लगाने के लिए ‘एम्प्लॉई मास्टर डेटाबेस’ के नए नियम लागू

प्रस्तावना (Introduction) सरकारी खजाने से अवैध निकासी और वेतन घोटालों पर नकेल कसने के लिए झारखण्ड सरकार के वित्त विभाग ने एक बेहद सख्त और पारदर्शी कदम उठाया है । 27 मई 2026 को जारी किए गए एक नए ‘मानक संचालन प्रक्रिया’ (SOP No – Finance: – 38/EIS-179/2024) के माध्यम से ‘DDO Level Bill Entry System’ के तहत वेतन विपत्र (Salary Bill) तैयार करने की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं । यह नया दिशा-निर्देश विशेष रूप से ‘एम्प्लॉई मास्टर डेटाबेस’ (Employee Master Database) को सुरक्षित, अद्यतन (Update) और नियंत्रित करने के लिए लागू किया गया है ।

नए दिशा-निर्देशों की आवश्यकता क्यों पड़ी? (Background & Challenges)

वेतन विपत्र प्रसंस्करण (Salary Bill Processing) के लिए एम्प्लॉई मास्टर डेटाबेस का उपयोग किया जाता है, जिसमें कर्मचारी के नाम, जन्म तिथि, बैंक खाता, पदनाम, वेतनमान और पैन/आधार जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दर्ज होती हैं ।

हाल ही में प्रधान महालेखाकार कार्यालय और वित्त विभाग की समीक्षा में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया था कि राज्य के विभिन्न कार्यालयों में कतिपय लोगों द्वारा ‘कर्मचारी प्रोफाइल’ में अनाधिकृत छेड़छाड़ (Unauthorized Tampering) करके वेतन मद से अवैध निकासी (घोटाला) की गई है ।

इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने वर्तमान IFMS प्रणाली के तहत मार्च/अप्रैल 2026 से DDO के प्रमाण-पत्र के आधार पर सभी कर्मचारियों के प्रोफाइल को ‘फ्रीज’ (Freeze) कर दिया था । हालाँकि, प्रोफाइल फ्रीज होने से डेटा की शुद्धता तो सुनिश्चित हुई, लेकिन इससे कर्मचारियों के वैध कार्यों में बड़ी बाधा उत्पन्न होने लगी। पदोन्नति (Promotion), पदनाम परिवर्तन, वेतन संशोधन, स्थानांतरण (Transfer) और बैंक खाते में सुधार जैसे जायज बदलाव भी सिस्टम में अपडेट नहीं हो पा रहे थे ।

इसी समस्या को सुलझाने और सुरक्षा के साथ-साथ सहूलियत प्रदान करने के लिए वित्त विभाग (हस्ताक्षरकर्ता: ज्योति कुमारी झा, संयुक्त सचिव) ने डेटाबेस को दो भागों में वर्गीकृत करते हुए नई व्यवस्था लागू की है ।

कर्मचारी डेटा का नया वर्गीकरण और संशोधन की प्रक्रिया

डेटा को सुरक्षित और नियंत्रित रखने के लिए एम्प्लॉई प्रोफाइल को दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा गया है:

1. एम्प्लॉई बेसिक प्रोफाइल (Employee Basic Profile – स्थायी डेटा)

इस श्रेणी में वे जानकारियाँ रखी गई हैं जो स्थायी प्रकृति की होती हैं और जिनमें बदलाव की आवश्यकता केवल अति विशेष परिस्थितियों में ही पड़ती है ।

इसमें शामिल विवरण: * GPF नंबर, कर्मचारी का नाम, जन्म तिथि, नियुक्ति तिथि, सेवानिवृत्ति/मृत्यु की तिथि ।

सुधार/संशोधन की प्रक्रिया:

2. एम्प्लॉई पोस्टिंग एवं सैलरी प्रोफाइल (Dynamic Data)

इस श्रेणी में वे जानकारियाँ हैं, जिनमें स्थानांतरण, प्रोन्नति, ACP/MACP या पे-रिवीजन के कारण समय-समय पर बदलाव (Update) की आवश्यकता होती है ।

इसमें शामिल विवरण:

सुधार/संशोधन की प्रक्रिया:

इस प्रोफाइल में संशोधन की प्रक्रिया को थोड़ा आसान लेकिन DDO की निगरानी में रखा गया है।

भविष्य की उन्नत डिजिटल व्यवस्थाएँ (Future Enhancements)

सरकार इस सिस्टम को और अधिक ऑटोमेटेड बनाने की दिशा में काम कर रही है:

निष्कर्ष (Conclusion)

झारखण्ड सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी किया गया यह SOP (Standard Operating Procedure) राज्य की वित्तीय प्रणाली में मील का पत्थर साबित होगा। जहाँ एक ओर बेसिक डेटा को निदेशालय स्तर पर सुरक्षित रखकर फर्जीवाड़े और अवैध निकासी के रास्तों को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर वेतन और पदस्थापन से जुड़े जरूरी बदलावों के लिए एक सहज ऑनलाइन DDO अनुमोदन प्रणाली विकसित की गई है। यह प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि कर्मचारियों के जायज कार्य बिना किसी देरी के पूरे हों और सरकारी खजाने की पाई-पाई सुरक्षित रहे।

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