राष्ट्रीय आय और आय का चक्रीय प्रवाह

राष्ट्रीय आय और आय का चक्रीय प्रवाह भाग 1: आय का चक्रीय प्रवाह (Circular Flow of Income) अर्थव्यवस्था में उत्पादन, आय और व्यय की प्रक्रिया कभी नहीं रुकती। यह एक चक्र के रूप में निरंतर चलती रहती है, जिसे आय का चक्रीय प्रवाह कहते हैं। 1. चक्रीय प्रवाह के तीन चरण (Phases of Circular Flow) … Read more

व्यष्टि तथा समष्टि अर्थशास्त्र से आप क्या समझते हैं तथा इन दोनों के बीच अंतर

व्यष्टि तथा समष्टि अर्थशास्त्र से आप क्या समझते हैं तथा इन दोनों के बीच अंतर क्या आपने कभी सोचा है कि बाजार में चीजों की कीमतें कैसे तय होती हैं? अर्थशास्त्र केवल जटिल आंकड़ों का समूह नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे बेहतर ढंग से जानने के लिए हमें इसके … Read more

उपभोक्ता का संतुलन: दो वस्तु / Consumer’s Equilibrium: in the Case of Two Goods

उपभोक्ता का संतुलन: दो वस्तु  Consumer’s Equilibrium: in the Case of Two Goods 1. परिचय (Introduction) व्यावहारिक जीवन में, कोई भी उपभोक्ता अपनी संपूर्ण आय को केवल एक ही वस्तु पर खर्च नहीं करता है । अपनी विभिन्न प्रकार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उसे अपनी आय को एक से अधिक वस्तुओं की … Read more

उपभोक्ता का संतुलन: एक वस्तु की स्थिति (Consumer’s Equilibrium: Single Commodity Case)

उपभोक्ता का संतुलन: एक वस्तु की स्थिति (Consumer’s Equilibrium: Single Commodity Case) 1. प्रस्तावना (Introduction) व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics) में उपभोक्ता के व्यवहार का अध्ययन एक केंद्रीय विषय है। प्रत्येक उपभोक्ता का मुख्य आर्थिक उद्देश्य अपनी सीमित आय को विभिन्न वस्तुओं पर इस प्रकार खर्च करना होता है जिससे उसे अधिकतम संभव संतुष्टि प्राप्त हो सके। … Read more

सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम (Law of Diminishing Marginal Utility)

सीमान्त उपयोगिता ह्रास नियम (Law of Diminishing Marginal Utility) 1. प्रस्तावना और परिचय (Introduction) अर्थशास्त्र के अंतर्गत उपभोग के सिद्धांतों में सीमान्त उपयोगिता ह्रास नियम एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आधारभूत नियम माना जाता है । यह नियम मुख्य रूप से मानवीय स्वभाव और उसकी आवश्यकताओं की संतुष्टि की प्रक्रिया पर आधारित है।       … Read more

FOREIGN EXCHANGE RATE

विदेशी विनिमय दर  ( FOREIGN EXCHANGE RATE ) (01) विदेशी विनिमय दर/ विनिमय दर क्या है ? उत्तर – विदेशी विनिमय दर वह दर जिसके आधार पर  देश की घरेलू  मुद्रा को विदेशी मुद्रा के साथ बदला जा सकता है उसे विदेशी विनिमय दर कहते हैं   |अथवा ,विदेशी मुद्रा  की एक इकाई खरीदने के लिए … Read more

भुगतान संतुलन और व्यापार संतुलन – Balance of Payment and Balance of Trade

Balance of Payment and Balance of Trade

भुगतान संतुलन / व्यापार संतुलन Balance of Payment and Balance of Trade व्यापार संतुलन व्यापार संतुलन  किसी दो देशों के बीच आयात और निर्यात के बीच के अंतर को ही व्यापार संतुलन कहते हैं, इसमें केवल दृश्य मद को ही शामिल किया जाता है। प्रोफेसर बेन्हम के अनुसार – किसी देश का व्यापार संतुलन एक … Read more

विदेशी विनिमय दर /Foreign Exchange Rate

विदेशी विनिमय दर एक देश का दूसरे देश के साथ व्यावसायिक एवं व्यापारिक संबंध होता है सभी देशों के अपने करेन्सी होते हैं, तथा भुगतान करने के लिए विभिन्न करेन्सी के बीच एक दर होती है जिससे विदेशी विनिमय दर या विनिमय दर कहते हैं। विदेशी विनिमय बाजार विदेशी विनिमय बाजार वह बाजार है जहां … Read more

केंद्रीय बैंक / भारतीय रिजर्व बैंक / रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

केंद्रीय बैंक – Central Bank सभी देशों में विभिन्न बैंकों के शीर्ष स्थान पर एक केंद्रीय बैंक होता है जिस पर सरकार का स्वामित्व एवं नियंत्रण रहता है । केंद्रीय बैंकों का विकास मुख्यतः बीसवीं शताब्दी में हुआ है । केंद्रीय बैंक देश की संपूर्ण मौद्रिक एवं बैंकिंग व्यवस्था का नियंत्रण करता है तथा सभी … Read more

वस्तु विनिमय प्रणाली / मुद्रा / मुद्रा के कार्य

वस्तु विनिमय प्रणाली जब एक वस्तु का दूसरे वस्तु से प्रत्यक्ष रूप से आदान-प्रदान होता है तो उसे वस्तु विनिमय प्रणाली कहते हैं। उदाहरण के लिए गेहूं के बदले चावल, चावल के बदले कपड़ा इत्यादि का विनिमय। वस्तु विनिमय प्रणाली की कठिनाइयां मानव सभ्यता के प्रारंभ में वस्तु विनिमय प्रणाली प्रचलित थी, एक व्यक्ति गेहूं … Read more