झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद्: शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए UDISE+ डेटा अद्यतन पर विस्तृत दिशानिर्देश
झारखण्ड सरकार के समग्र शिक्षा अभियान के तहत, झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद् (JEPC), राँची ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए UDISE+ (Unified District Information System for Education Plus) के अंतर्गत विद्यालय, शिक्षक और छात्रवार आँकड़ों को अद्यतन (Update) और प्रगमन (Progression) करने के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं । यह आधिकारिक पत्र 08 अप्रैल 2026 को प्रशासकीय पदाधिकारी, सच्चिदानन्द द्विवेन्दु तिग्गा द्वारा झारखण्ड के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DSO) और जिला शिक्षा अधीक्षकों (DSE) को प्रेषित किया गया है ।
इस लेख में इस पत्र के मुख्य बिंदुओं, निर्धारित समय-सीमाओं और विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
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1. पृष्ठभूमि और मुख्य उद्देश्य
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए विद्यालय, शिक्षक और छात्रों से संबंधित आँकड़ों की जिला स्तर पर जाँच और प्रमाणीकरण का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है । अब आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इन आँकड़ों का अद्यतनीकरण और छात्रों का प्रगमन कार्य 09 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जा रहा है ।
परिषद् का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि UDISE+ पर उपलब्ध आँकड़े पूरे शैक्षणिक सत्र में “रियल-टाइम” (Realtime) और विद्यालयों के वास्तविक आँकड़ों के समान रहें, जब तक कि सत्र 2026-27 के आँकड़े फ्रीज़ (Freeze) नहीं हो जाते ।
2. निर्धारित समय-सीमा और प्रमुख गतिविधियाँ
दिशानिर्देशों में विद्यालय, शिक्षक और छात्र स्तर के कार्यों को पूरा करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा (Deadlines) निर्धारित की गई है ।
क. प्रशिक्षण (Training)
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09 अप्रैल 2026 तक: प्राथमिकता के आधार पर प्रत्येक प्रखण्ड (Block) के BMIS (Block MIS) या डाटा एंट्री ऑपरेटर को प्रशिक्षित किया जाना है ।
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11 अप्रैल 2026 तक: प्रत्येक विद्यालय के एक शिक्षक को UDISE+ के कार्यों के लिए अनिवार्य रूप से प्रशिक्षित किया जाना है ।
ख. विद्यालय संबंधित आँकड़ों का अद्यतनीकरण
निम्न कार्यों को 18 अप्रैल 2026 तक पूरा किया जाना है:
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UDISE+ में पहले से पंजीकृत सभी विद्यालयों के नाम, कोटि (Category), प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण आँकड़ों का अद्यतन करना । यह कार्य जिला स्तर से किया जाएगा ।
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मान्यता प्राप्त नए विद्यालयों, जिन्हें अब तक U-DISE+ कोड नहीं मिला है, उन्हें प्रपत्र (Form A02) के माध्यम से पोर्टल पर जोड़ना ।
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मान्यता प्राप्त वे विद्यालय जिनके पास कोड है लेकिन वे निष्क्रिय (Inactive) हैं, उन्हें प्रपत्र (Form A01) के माध्यम से पुनः सक्रिय (Active) करना ।
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विशेष रूप से उत्क्रमित (Upgraded) माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की कोटि का अद्यतन करना और उत्कृष्ट विद्यालयों के नाम अद्यतन करना ।
ग. शिक्षक संबंधित आँकड़ों का अद्यतनीकरण
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09 अप्रैल 2026 से लगातार: विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकों (प्रतिनियुक्त शिक्षकों और गैर-शैक्षिक कर्मचारियों सहित) का U-DISE+ में अद्यतन कार्य निरंतर रूप से किया जाना है ।
घ. छात्र संबंधित आँकड़ों का प्रगमन (Progression) और अद्यतनीकरण
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30 अप्रैल 2026 तक: वर्ष 2025-26 में नामांकित छात्रों का सत्र 2026-27 के लिए प्रोग्रेसन पूरा करना । इसमें छात्रों का प्रोग्रेसन स्टेटस, पिछले सत्र में प्राप्त अंकों का प्रतिशत (%), उपस्थिति के दिन, स्कूलिंग स्टेटस और प्रमोट की गई कक्षा एवं सेक्शन का विवरण शामिल है ।
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10 मई 2026 तक: सत्र 2026-27 में नामांकित सभी नए विद्यार्थियों के आँकड़ों की प्रविष्टि पूर्ण करना ।
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15 मई 2026 तक: विद्यालय बदलने वाले विद्यार्थियों को उनके PEN (Permanent Education Number) की मदद से ड्रॉपबॉक्स (Dropbox) से इम्पोर्ट (Import) करना ।
3. कार्यान्वयन और तकनीकी दिशानिर्देश
कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए परिषद् ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं:
3.1. कार्य का क्रम और दैनिक उपस्थिति
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छात्रों के प्रगमन (Progression) कार्य में, विद्यालय की सबसे उच्च कक्षा का कार्य सबसे पहले पूरा किया जाएगा ।
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UDISE+ में छात्रवार आँकड़ों का प्रोग्रेसन पूर्ण होने के बाद ही ई-विद्यावाहिनी (e-Vidyavahini) के माध्यम से छात्रों की दैनिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी ।
3.2. ड्रॉपबॉक्स (Dropbox) प्रबंधन और विद्यार्थी इम्पोर्ट
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BPO/BPM या ब्लॉक MIS को ड्रॉपबॉक्स में उपलब्ध बच्चों की सूची (रिमार्क्स के साथ) प्रिंट करके BRPs/CRPs को हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध करानी होगी ।
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BRPs/CRPs संबंधित विद्यालयों में जाकर ड्रॉपबॉक्स वाले बच्चों के वर्तमान विद्यालय का पता लगाएंगे और उन्हें नए विद्यालय (मध्य/माध्यमिक/उच्चतर माध्यमिक) में इम्पोर्ट करवाएंगे ।
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इम्पोर्ट करते समय UDISE+ के अनुसार बच्चों का PEN नंबर, नाम और जन्म तिथि दर्ज करनी होगी, जिसे बाद में आवश्यकतानुसार सुधारा जा सकता है ।
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यदि ड्रॉपबॉक्स में कोई बच्चा डुप्लीकेट (Duplicate) पाया जाता है, तो BRPs/CRPs उसे कारण बताते हुए निष्क्रिय (Inactive) करेंगे ।
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यदि कोई बच्चा दूसरे संकुल (Cluster) या प्रखण्ड में चला गया है, तो संबंधित BRPs/CRPs की यह जिम्मेदारी होगी कि वे उस संकुल के अधिकारियों को सूचित कर बच्चे को वहाँ इम्पोर्ट करवाएं ।
3.3. आधार (Aadhaar) प्रमाणीकरण
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BRPs/CRPs यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन बच्चों की आधार प्रविष्टि (Aadhaar Entry) नहीं हुई है, उनका डेटा दर्ज किया जाए और UDISE+ में उसका प्रमाणीकरण (Validation) भी हो ।
3.4. सुरक्षा और लॉगिन क्रेडेंशियल्स
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डेटा अद्यतन के दौरान किसी भी स्तर (विद्यालय, प्रखण्ड, जिला) का यूज़र आईडी (User ID) और पासवर्ड किसी अन्य स्तर के साथ साझा नहीं किया जाएगा ।
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जिस यूज़र आईडी पर जो कार्य निर्धारित है, वह उसी स्तर से किया जाएगा ।
4. संसाधन, मानवबल (Manpower) और वित्तीय प्रावधान
डेटा एंट्री और तकनीकी सहयोग के लिए विभाग ने पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं:
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विद्यालय स्तर: छात्रों के डेटा की प्रविष्टि के लिए विद्यालय में कार्यरत ICT Instructor और Vocational Trainer का सहयोग लिया जाएगा ।
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प्रखण्ड स्तर: BRC और KGBV के एकाउंटेंट-कम-कंप्यूटर ऑपरेटर और डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा कार्य संपादित किया जाएगा ।
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अतिरिक्त मानवबल: यदि प्रखण्ड या संकुल स्तर पर मानवबल की कमी होती है, तो ग्राम/पंचायत स्तर पर कार्यरत VLE की सेवा ली जा सकती है । आवश्यकता पड़ने पर वाह्य स्रोत (Outsource) से किसी प्रशिक्षित डाटा एंट्री ऑपरेटर को अधिकतम एक माह के लिए रखा जा सकता है ।
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वित्तीय प्रावधान: प्रशिक्षण कार्य के लिए प्रति विद्यालय अधिकतम 150 रुपये व्यय किए जा सकते हैं । इस राशि की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) प्रशिक्षण के वीडियो, फोटोग्राफ और उपस्थिति रजिस्टर के आधार पर MIS/Management मद से जिला/प्रखण्ड स्तर द्वारा की जाएगी ।
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गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय: औपचारिक शिक्षा देने वाले निजी विद्यालय, स्किल सेंटर (Skill Center), या गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय (जिनके पास UDISE कोड नहीं है), उनमें पढ़ने वाले बच्चों के आँकड़ों का संकलन Block MIS यूज़र के माध्यम से ‘Unrecognised School Enrolment’ विकल्प में किया जाएगा ।
5. निगरानी, सत्यापन और तकनीकी समाधान
ऑकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सघन जाँच और निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है:
सत्यापन (Verification)
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संकुल स्तर: संकुल साधन सेवी (CRP) द्वारा सभी विद्यालयों के आँकड़ों की जाँच की जाएगी ।
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प्रखण्ड स्तर: BRP द्वारा 25 प्रतिशत विद्यालयों के सभी आँकड़ों की स्थलीय (Physical) जाँच की जाएगी ।
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बुनियादी ढाँचा (Infrastructure): आधारभूत संरचना से जुड़े आँकड़ों की जाँच प्रखण्ड स्तर पर कनीय अभियंता (Junior Engineer) और जिला स्तर पर सहायक अभियंता द्वारा की जाएगी ।
तकनीकी सहायता और समस्या समाधान
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तकनीकी समस्याओं का त्वरित निराकरण प्रखण्ड स्तर पर Block MIS Coordinator और जिला स्तर पर सहायक कम्प्यूटर प्रोग्रामर या District MIS Coordinator द्वारा किया जाएगा ।
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डेटा अद्यतन में आने वाले प्रशासनिक या परिचालन व्यवधानों को सुलझाने की ज़िम्मेदारी संबंधित प्रखण्ड के BEEO और BPO/BPM की होगी ।
दैनिक समीक्षा (Daily Monitoring)
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BEEO और BPO/BPM द्वारा प्रखण्ड स्तर पर प्रतिदिन कार्यों की समीक्षा की जाएगी और जिला कार्यालय को रिपोर्ट दी जाएगी । इसके अलावा, ये अधिकारी प्रतिदिन विद्यालयवार ड्रॉपबॉक्स की स्थिति की भी निगरानी करेंगे ।
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जिला स्तर से अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और MIS समन्वयक द्वारा भी प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी ।
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जिला और प्रखण्ड MIS को-ऑर्डिनेटर प्रतिदिन अपडेट हो रहे आँकड़ों का फील्ड-वार विश्लेषण (Field wise analysis) करेंगे ताकि किसी भी गलत प्रविष्टि को रोका जा सके और सही मार्गदर्शन दिया जा सके ।
चेतावनी और दंडात्मक कार्रवाई
परिषद् ने स्पष्ट किया है कि अद्यतन हो रहे आँकड़ों की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए । यदि राज्य स्तर पर विश्लेषण के दौरान कोई गलत प्रविष्टि पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई (Punitive action) की जाएगी ।
अंत में, पत्र में कड़े शब्दों में यह निर्देश दिया गया है कि निर्धारित पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा सभी कार्य तय समय पर पूरे कराए जाएं और इसकी पूरी जवाबदेही उनकी स्वयं की होगी ।
Description
झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद् द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए UDISE+ डेटा अद्यतन को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इस आर्टिकल में आपको UDISE+ पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक निर्देश, महत्वपूर्ण तिथियाँ और स्कूलों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश आसान भाषा में समझाए गए हैं।यदि आप स्कूल हेडमास्टर, शिक्षक या शिक्षा विभाग से जुड़े हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहाँ जानिए कैसे सही तरीके से UDISE डेटा अपडेट करें, किन गलतियों से बचें और समय पर डेटा सबमिट करें।
Disclaimer (अस्वीकरण):
यह लेख “झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद्: शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए UDISE+ डेटा अद्यतन पर विस्तृत दिशानिर्देश” शीर्षक पर आधारित है और केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न आधिकारिक स्रोतों, परिपत्रों एवं उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर संकलित की गई है, जिसकी शुद्धता एवं पूर्णता सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया गया है।हालांकि, समय-समय पर सरकार या संबंधित विभाग द्वारा दिशानिर्देशों में संशोधन किया जा सकता है। अतः पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी आधिकारिक कार्यवाही या निर्णय लेने से पूर्व संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइनोटिस या परिपत्र का अवलोकन अवश्य करें।इस लेख का उद्देश्य केवल शैक्षणिक एवं सूचनात्मक है। इसमें दी गई जानकारी के उपयोग से उत्पन्न किसी भी प्रकार की त्रुटि, हानि या नुकसान के लिए लेखक या प्रकाशक जिम्मेदार नहीं होगा।यदि इस लेख में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो कृपया संबंधित आधिकारिक स्रोत से सत्यापन अवश्य करें।
